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सहीह मुस्लिम

नंबर 3489

नंबर 3489किताब 16, नंबर 91अरबी नंबरिंग 1426
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنِي يَزِيدُ بْنُ عَبْدِ، اللَّهِ بْنِ أُسَامَةَ بْنِ الْهَادِ ح وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ أَبِي عُمَرَ الْمَكِّيُّ، - وَاللَّفْظُ لَهُ - حَدَّثَنَا عَبْدُ، الْعَزِيزِ عَنْ يَزِيدَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، أَنَّهُ قَالَ سَأَلْتُ عَائِشَةَ زَوْجَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم كَمْ كَانَ صَدَاقُ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَتْ كَانَ صَدَاقُهُ لأَزْوَاجِهِ ثِنْتَىْ عَشْرَةَ أُوقِيَّةً وَنَشًّا ‏.‏ قَالَتْ أَتَدْرِي مَا النَّشُّ قَالَ قُلْتُ لاَ ‏.‏ قَالَتْ نِصْفُ أُوقِيَّةٍ ‏.‏ فَتِلْكَ خَمْسُمِائَةِ دِرْهَمٍ فَهَذَا صَدَاقُ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لأَزْوَاجِهِ‏.‏
अबू सलमा बिन अब्दुर रहमान कहते हैंः मैंने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की पत्नी आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) से पूछा कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की पत्नियों) का महर कितना होता था? उन्होंने कहाः आपकी पत्नियों के लिए आपका महर बारह ऊक़िया और एक नश्श था। उन्होंने कहाः क्या जानते हो कि नश्श क्या है? मैंने कहाः नहीं! तो कहाः "आधा ऊक़िया। इस तरह ये पाँच सौ दिरहम हुए। यही अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) द्वारा आपकी पत्नियों को दिया गया महर है"।

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 16 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।