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सहीह मुस्लिम

नंबर 3481

नंबर 3481किताब 16, नंबर 83अरबी नंबरिंग 1422.03
وَحَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم تَزَوَّجَهَا وَهْىَ بِنْتُ سَبْعِ سِنِينَ وَزُفَّتْ إِلَيْهِ وَهِيَ بِنْتُ تِسْعِ سِنِينَ وَلُعَبُهَا مَعَهَا وَمَاتَ عَنْهَا وَهِيَ بِنْتُ ثَمَانَ عَشْرَةَ ‏.‏
A'isha (Allah be pleased with her) reported that Allah's Apostle (ﷺ) married her when she was seven years old, and he was taken to his house as a bride when she was nine, and her dolls were with her; and when he (the Holy Prophet) died she was eighteen years old

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।