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सहीह मुस्लिम

नंबर 3480

नंबर 3480किताब 16, नंबर 82अरबी नंबरिंग 1422.02
وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، - وَاللَّفْظُ لَهُ - حَدَّثَنَا عَبْدَةُ، - هُوَ ابْنُ سُلَيْمَانَ - عَنْ هِشَامٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ تَزَوَّجَنِي النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم وَأَنَا بِنْتُ سِتِّ سِنِينَ وَبَنَى بِي وَأَنَا بِنْتُ تِسْعِ سِنِينَ ‏.‏
A'isha (Allah be pleased with her) reported:Allah's Apostle (ﷺ) married me when I was six years old, and I was admitted to his house when I was nine years old

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।