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सहीह मुस्लिम

नंबर 3194

नंबर 3194किताब 15, नंबर 398अरबी नंबरिंग 1321.01
وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَمُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ، قَالاَ أَخْبَرَنَا اللَّيْثُ، ح وَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا لَيْثٌ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عُرْوَةَ بْنِ الزُّبَيْرِ، وَعَمْرَةَ بِنْتِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، أَنَّ عَائِشَةَ، قَالَتْ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يُهْدِي مِنَ الْمَدِينَةِ فَأَفْتِلُ قَلاَئِدَ هَدْيِهِ ثُمَّ لاَ يَجْتَنِبُ شَيْئًا مِمَّا يَجْتَنِبُ الْمُحْرِمُ ‏.‏
A'isha (Allah be pleased with her) reported that Allah's Messenger (ﷺ) sent the sacrificial animals from Medina. I wove garlands for his sacrificial animals (and then he hung them round their necks), and he would not avoid doing anything which the Muhrim avoids

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।