सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 3193

नंबर 3193किताब 15, नंबर 397अरबी नंबरिंग 1320
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا خَالِدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ يُونُسَ، عَنْ زِيَادِ بْنِ جُبَيْرٍ، أَنَّ ابْنَ عُمَرَ، أَتَى عَلَى رَجُلٍ وَهُوَ يَنْحَرُ بَدَنَتَهُ بَارِكَةً فَقَالَ ابْعَثْهَا قِيَامًا مُقَيَّدَةً سُنَّةَ نَبِيِّكُمْ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Ziyad b. Jubair reported that Ibn 'Umar came upon a person who was slaughtering (sacrificing) his camel and had made him kneel down. So he told him to make it stand up festered (and then sacrifice it) according to the Sunnah of the Prophet (ﷺ)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।