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सहीह मुस्लिम

नंबर 3172

नंबर 3172किताब 15, नंबर 376अरबी नंबरिंग 1312
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، وَابْنُ أَبِي عُمَرَ، وَأَحْمَدُ بْنُ، عَبْدَةَ - وَاللَّفْظُ لأَبِي بَكْرٍ - حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ عَمْرٍو، عَنْ عَطَاءٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ لَيْسَ التَّحْصِيبُ بِشَىْءٍ إِنَّمَا هُوَ مَنْزِلٌ نَزَلَهُ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Ibn 'Abbas (Allah be pleased with them) reported:Halt at Muhassab is not something (significant from the point of view of the Shari'ah). It is a place of halt where Allah's Messenger (way peace be upon him) halted

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।