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सहीह मुस्लिम

नंबर 3171

नंबर 3171किताब 15, नंबर 375अरबी नंबरिंग 1311.03
حَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ سَالِمٍ، أَنَّ أَبَا بَكْرٍ، وَعُمَرَ، وَابْنَ، عُمَرَ كَانُوا يَنْزِلُونَ الأَبْطَحَ ‏.‏ قَالَ الزُّهْرِيُّ وَأَخْبَرَنِي عُرْوَةُ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّهَا لَمْ تَكُنْ تَفْعَلُ ذَلِكَ وَقَالَتْ إِنَّمَا نَزَلَهُ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لأَنَّهُ كَانَ مَنْزِلاً أَسْمَحَ لِخُرُوجِهِ ‏.‏
Salim reported that Abu Bakr, 'Umar and Ibn Umar used to halt at Abtah. 'Urwa narrated from 'A'isha (Allah be pleased with her) that he did not observe this practice and said:Allah's Messenger (ﷺ) halted there, for it is a place from where it was easy to depart

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।