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सहीह मुस्लिम

नंबर 3164

नंबर 3164किताब 15, नंबर 368अरबी नंबरिंग 1307
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ، حَدَّثَنَا بَهْزٌ، حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ طَاوُسٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قِيلَ لَهُ فِي الذَّبْحِ وَالْحَلْقِ وَالرَّمْىِ وَالتَّقْدِيمِ وَالتَّأْخِيرِ فَقَالَ ‏ "‏ لاَ حَرَجَ ‏"‏ ‏.‏
Ibn Abbas (Allah be pleased with them) reported that it was said to Allah's Apostle (ﷺ) about sacrificing of animals, shaving of one's head, throwing of pebbles, and (the order of) precedence and succession, and he said:There is no harm in it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।