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सहीह मुस्लिम

नंबर 3126

नंबर 3126किताब 15, नंबर 330अरबी नंबरिंग 1293.01
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَقُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، جَمِيعًا عَنْ حَمَّادٍ، - قَالَ يَحْيَى أَخْبَرَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، - عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي يَزِيدَ، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ عَبَّاسٍ، يَقُولُ بَعَثَنِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي الثَّقَلِ - أَوْ قَالَ فِي الضَّعَفَةِ - مِنْ جَمْعٍ بِلَيْلٍ ‏.‏
Ibn 'Abbas reported:Allah's Messenger (ﷺ) sent me from Muzdalifa ahead (of the caravan) along with the luggage or with the weak ones during (the latter part of the) night

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।