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सहीह मुस्लिम

नंबर 3064

नंबर 3064किताब 15, नंबर 270अरबी नंबरिंग 1268.01
وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَزُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، وَعُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، جَمِيعًا عَنْ يَحْيَى، الْقَطَّانِ - قَالَ ابْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا يَحْيَى، - عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنِي نَافِعٌ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ مَا تَرَكْتُ اسْتِلاَمَ هَذَيْنِ الرُّكْنَيْنِ - الْيَمَانِيَ وَالْحَجَرَ مُذْ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَسْتَلِمُهُمَا فِي شِدَّةٍ وَلاَ رَخَاءٍ ‏.‏
Ibn 'Umar (Allah be pleased with them) reported:I have not abandoned touching of Yamani corners (and kissing of) the Stone since I saw Allah's messneger (ﷺ) touching them both In hardship and ease

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।