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सहीह मुस्लिम

नंबर 3040

नंबर 3040किताब 15, नंबर 246अरबी नंबरिंग 1257.01
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نُمَيْرٍ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَخْرُجُ مِنْ طَرِيقِ الشَّجَرَةِ وَيَدْخُلُ مِنْ طَرِيقِ الْمُعَرَّسِ وَإِذَا دَخَلَ مَكَّةَ دَخَلَ مِنَ الثَّنِيَّةِ الْعُلْيَا وَيَخْرُجُ مِنَ الثَّنِيَّةِ السُّفْلَى ‏.‏
Ibn 'Umar reported that Allah's Messenger (ﷺ) used to come out (of Medina) by way of al-Shajarah and entered it by the way of al-Mu'arras and whenever he entered Mecca, he entered it from the upper side and went out of it from the lower side

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।