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सहीह मुस्लिम

नंबर 2401

नंबर 2401किताब 12, नंबर 138अरबी नंबरिंग 1042.02
وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنِي قَيْسُ بْنُ، أَبِي حَازِمٍ قَالَ أَتَيْنَا أَبَا هُرَيْرَةَ فَقَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ وَاللَّهِ لأَنْ يَغْدُوَ أَحَدُكُمْ فَيَحْطِبَ عَلَى ظَهْرِهِ فَيَبِيعَهُ ‏"‏ ‏.‏ ثُمَّ ذَكَرَ بِمِثْلِ حَدِيثِ بَيَانٍ ‏.‏
Qais b. Abu Hizam reported:We came to Abu Huraira and he told Allah's Messenger (ﷺ) having said this: By Allah, (it is better) that one among you should go and bring a load of firewood on his back and he should sell it, and the rest of the hadith was narrated (like the previous one)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।