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सहीह मुस्लिम

नंबर 2116

नंबर 2116किताब 10, नंबर 25अरबी नंबरिंग 911.03
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، وَأَبُو أُسَامَةَ وَابْنُ نُمَيْرٍ ح وَحَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، أَخْبَرَنَا جَرِيرٌ، وَوَكِيعٌ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، وَمَرْوَانُ، كُلُّهُمْ عَنْ إِسْمَاعِيلَ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ وَفِي حَدِيثِ سُفْيَانَ وَوَكِيعٍ انْكَسَفَتِ الشَّمْسُ يَوْمَ مَاتَ إِبْرَاهِيمُ فَقَالَ النَّاسُ انْكَسَفَتْ لِمَوْتِ إِبْرَاهِيمَ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Isma'il with the same chain of transmitters and in the hadith narrated by Sufyan and Waki' (the words are):" The sun eclipsed on the day when Ibrahim died, and the people said: It has eclipsed on the death of Ibrahim

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Prayer - Eclipses

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।