सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 2111

नंबर 2111किताब 10, नंबर 20अरबी नंबरिंग 908
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ ابْنُ عُلَيَّةَ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ حَبِيبٍ، عَنْ طَاوُسٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ صَلَّى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم حِينَ كَسَفَتِ الشَّمْسُ ثَمَانَ رَكَعَاتٍ فِي أَرْبَعِ سَجَدَاتٍ ‏.‏ وَعَنْ عَلِيٍّ مِثْلُ ذَلِكَ ‏.‏
Ibn 'Abbas reported:When there was a solar eclipse the Messenger of Allah (way peace be upon him) observed eight ruku's and four prostrations (in two rak'ahs). This has been narrated by 'Ali also

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Prayer - Eclipses

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।