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सहीह मुस्लिम

नंबर 2110

नंबर 2110किताब 10, नंबर 19अरबी नंबरिंग 907.02
وَحَدَّثَنَاهُ مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ، - يَعْنِي ابْنَ عِيسَى - أَخْبَرَنَا مَالِكٌ، عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ، فِي هَذَا الإِسْنَادِ بِمِثْلِهِ غَيْرَ أَنَّهُ قَالَ ثُمَّ رَأَيْنَاكَ تَكَعْكَعْتَ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Zaid b. Aslam with the same chain of transmitters except with this difference that he (the narrator said):" then we saw you keeping aloof (back)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Prayer - Eclipses

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।