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सहीह मुस्लिम

नंबर 350

नंबर 350किताब 1, नंबर 257अरबी नंबरिंग 135.04
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ، حَدَّثَنَا كَثِيرُ بْنُ هِشَامٍ، حَدَّثَنَا جَعْفَرُ بْنُ بُرْقَانَ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ الأَصَمِّ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لَيَسْأَلَنَّكُمُ النَّاسُ عَنْ كُلِّ شَىْءٍ حَتَّى يَقُولُوا اللَّهُ خَلَقَ كُلَّ شَىْءٍ فَمَنْ خَلَقَهُ ‏"‏ ‏.‏
Yazid b. al-Asamm said:I heard Abu Huraira saying that the Messenger of Allah (ﷺ) observed: people will certainly ask you about everything till they will propound: Allah created every thing, but who created Allah?

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Faith

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।