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सहीह मुस्लिम

नंबर 317

नंबर 317किताब 1, नंबर 224अरबी नंबरिंग 119.04
وَحَدَّثَنَا هُرَيْمُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى الأَسَدِيُّ، حَدَّثَنَا الْمُعْتَمِرُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ سَمِعْتُ أَبِي يَذْكُرُ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ لَمَّا نَزَلَتْ هَذِهِ الآيَةُ ‏.‏ وَاقْتَصَّ الْحَدِيثَ ‏.‏ وَلَمْ يَذْكُرْ سَعْدَ بْنَ مُعَاذٍ وَزَادَ فَكُنَّا نَرَاهُ يَمْشِي بَيْنَ أَظْهُرِنَا رَجُلٌ مِنْ أَهْلِ الْجَنَّةِ ‏.‏
This hadith is narrated on the authority of Anas by another chain of transmitters in which there is no mention of Sa'd b. Mu'adh, but the following words are there:We observed a man, one of the dwellers of Paradise, walking about amongst us

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Faith

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।