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सहीह मुस्लिम

नंबर 192

नंबर 192किताब 1, नंबर 99अरबी नंबरिंग 52.11
وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عَدِيٍّ، ح وَحَدَّثَنِي بِشْرُ بْنُ خَالِدٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ، - يَعْنِي ابْنَ جَعْفَرٍ - قَالاَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنِ الأَعْمَشِ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ مِثْلَ حَدِيثِ جَرِيرٍ وَزَادَ ‏ "‏ وَالْفَخْرُ وَالْخُيَلاَءُ فِي أَصْحَابِ الإِبِلِ وَالسَّكِينَةُ وَالْوَقَارُ فِي أَصْحَابِ الشَّاءِ ‏"‏ ‏.‏
Shu'ba narrated the hadith as reported by Jarir with the same chain of narrators with this addition:Pride and conceitedness is among the owners of the camels and tranquillity and sobriety is found amongst the owners of sheep

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Faith

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।