सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 161

नंबर 161किताब 1, नंबर 68अरबी नंबरिंग 40
وَحَدَّثَنَا أَبُو الطَّاهِرِ، أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرِو بْنِ سَرْحٍ الْمِصْرِيُّ أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ الْحَارِثِ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبِي حَبِيبٍ، عَنْ أَبِي الْخَيْرِ، أَنَّهُ سَمِعَ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عَمْرِو بْنِ الْعَاصِ، يَقُولُ إِنَّ رَجُلاً سَأَلَ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَىُّ الْمُسْلِمِينَ خَيْرٌ قَالَ ‏ "‏ مَنْ سَلِمَ الْمُسْلِمُونَ مِنْ لِسَانِهِ وَيَدِهِ ‏"‏ ‏.‏
Abdullah b. Amr b. al-As is reported to have said:Verily a person asked the Messenger of Allah (may peace and blessings be upon him) who amongst the Muslims was better. Upon this (the Holy Prophet) remarked: From whose hand and tongue the Muslims are safe

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Faith

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।