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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 886

नंबर 886किताब 20, नंबर 182
حَدَّثَنِي يَحْيَى، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ جَعْفَرِ بْنِ مُحَمَّدٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَحَرَ بَعْضَ هَدْيِهِ وَنَحَرَ غَيْرُهُ بَعْضَهُ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Jafar ibn Muhammad from his father from Ali ibn Abi Talib that the Messenger of Allah, may Allah bless him and grant him peace, killed some of his sacrificial animals himself, and someone else killed the rest
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।