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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 878

नंबर 878किताब 20, नंबर 174
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ أَبِي رَبَاحٍ، أَنَّ مَوْلاَةً، لأَسْمَاءَ بِنْتِ أَبِي بَكْرٍ أَخْبَرَتْهُ قَالَتْ، جِئْنَا مَعَ أَسْمَاءَ ابْنَةِ أَبِي بَكْرٍ مِنًى بِغَلَسٍ - قَالَتْ - فَقُلْتُ لَهَا لَقَدْ جِئْنَا مِنًى بِغَلَسٍ ‏.‏ فَقَالَتْ قَدْ كُنَّا نَصْنَعُ ذَلِكَ مَعَ مَنْ هُوَ خَيْرٌ مِنْكِ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Yahya ibn Said from Ata ibn Abi Rabah that a mawla of Asma bint Abi Bakr told him, "We arrived at Mina with Asma bint Abi Bakr at the end of the night, and I said to her, 'We have arrived at Mina at the end of the night,' and she said, 'We used to do that with one who was better than you
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।