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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 776

नंबर 776किताब 20, नंबर 72
حَدَّثَنِي يَحْيَى، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم احْتَجَمَ وَهُوَ مُحْرِمٌ فَوْقَ رَأْسِهِ وَهُوَ يَوْمَئِذٍ بِلَحْيَىْ جَمَلٍ مَكَانٌ بِطَرِيقِ مَكَّةَ ‏.‏
Yahya related to me from Malik, from Yahya ibn Sa'id, from Sulayman ibn Yasar, that the Messenger of Allah, may Allah bless him and grant him peace, was once cupped on the top of his head while he was in ihram, at Lahyay Jamal, which is a place on the road to Makka
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।