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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 769

नंबर 769किताब 20, नंबर 65
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ، قَالَ افْصِلُوا بَيْنَ حَجِّكُمْ وَعُمْرَتِكُمْ فَإِنَّ ذَلِكَ أَتَمُّ لِحَجِّ أَحَدِكُمْ وَأَتَمُّ لِعُمْرَتِهِ أَنْ يَعْتَمِرَ فِي غَيْرِ أَشْهُرِ الْحَجِّ ‏.‏
Yahya related to me from Malik, from Nafi, from Abdullah ibn Umar, that Umar ibn al-Khattab said, "Keep your hajj separate from your umra. That way your hajj will be more complete. And your umra will be more complete if you do it outside of the months of the hajj
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।