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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 768

नंबर 768किताब 20, नंबर 64
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ سُمَىٍّ، مَوْلَى أَبِي بَكْرِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا بَكْرِ بْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، يَقُولُ جَاءَتِ امْرَأَةٌ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَتْ إِنِّي قَدْ كُنْتُ تَجَهَّزْتُ لِلْحَجِّ فَاعْتَرَضَ لِي ‏.‏ فَقَالَ لَهَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ اعْتَمِرِي فِي رَمَضَانَ فَإِنَّ عُمْرَةً فِيهِ كَحِجَّةٍ ‏"‏ ‏.‏
Yahya related to me from Malik that Sumayy, the mawla of Abu Bakr ibn Abd ar-Rahman, heard Abu Bakribn Abd ar-Rahman say, "A woman came to the Messenger of Allah, may Allah bless him and grant him peace, and said, 'I had arranged to do hajj, but I was prevented,' and the Messenger of Allah, may Allah bless him and grant him peace, said, 'Do umra in Ramadan, for doing umra in it is like doing hajj
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।