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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 506

नंबर 506किताब 15, नंबर 37
حَدَّثَنِي يَحْيَى، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ، قَالَ رَآنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ وَأَنَا أَدْعُو، وَأُشِيرُ، بِأَصْبُعَيْنِ أَصْبُعٍ مِنْ كُلِّ يَدٍ فَنَهَانِي ‏.‏
Yahya related to me from Malik that Abdullah ibn Dinar said, "Abdullah ibn Umar saw me when I was making dua and I was pointing with two fingers, one from each hand, and he forbade me
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Qur'an

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।