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सुनन इब्न माजा

नंबर 1942

नंबर 1942किताब 9, नंबर 98
حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ بْنُ عَبْدِ الصَّمَدِ بْنِ عَبْدِ الْوَارِثِ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْقَاسِمِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَمْرَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّهَا قَالَتْ كَانَ فِيمَا أَنْزَلَ اللَّهُ مِنَ الْقُرْآنِ ثُمَّ سَقَطَ لاَ يُحَرِّمُ إِلاَّ عَشْرُ رَضَعَاتٍ أَوْ خَمْسٌ مَعْلُومَاتٌ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:“Once of the things that Allah revealed in the the Qur'an and then abrogated was that nothing makes marriage prohibited except ten breastfeedings or five well-known (breastfeedings).”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Chapters on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।