सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 1941

नंबर 1941किताब 9, नंबर 97
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ خَالِدِ بْنِ خِدَاشٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ عُلَيَّةَ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنِ ابْنِ أَبِي مُلَيْكَةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الزُّبَيْرِ، عَنْ عَائِشَةَ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ لاَ تُحَرِّمُ الْمَصَّةُ وَالْمَصَّتَانِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Aishah:that the Prophet Allah said: “Suckling once or twice does not make (marriage) unlawful.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Chapters on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।