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सुनन इब्न माजा

नंबर 1789

नंबर 1789किताब 8, नंबर 7
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، عَنْ شَرِيكٍ، عَنْ أَبِي حَمْزَةَ، عَنِ الشَّعْبِيِّ، عَنْ فَاطِمَةَ بِنْتِ قَيْسٍ، أَنَّهَا سَمِعَتْهُ - تَعْنِي النَّبِيَّ، ـ صلى الله عليه وسلم ـ - يَقُولُ ‏ "‏ لَيْسَ فِي الْمَالِ حَقٌّ سِوَى الزَّكَاةِ ‏"‏ ‏.‏
Fatima bint Qais narrated that:she heard him, meaning the Prophet say: “There is nothing due on wealth other then Zakat.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif MunkarAl-Albani
  • Daif MunkarMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Very DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Chapters Regarding Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।