सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 1775

नंबर 1775किताब 7, नंबर 138
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى الصَّنْعَانِيُّ، حَدَّثَنَا الْمُعْتَمِرُ بْنُ سُلَيْمَانَ، حَدَّثَنِي عُمَارَةُ بْنُ غَزِيَّةَ، قَالَ سَمِعْتُ مُحَمَّدَ بْنَ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ اعْتَكَفَ فِي قُبَّةٍ تُرْكِيَّةٍ عَلَى سُدَّتِهَا قِطْعَةُ حَصِيرٍ ‏.‏ قَالَ فَأَخَذَ الْحَصِيرَ بِيَدِهِ فَنَحَّاهَا فِي نَاحِيَةِ الْقُبَّةِ ثُمَّ أَطْلَعَ رَأْسَهُ فَكَلَّمَ النَّاسَ ‏.‏
It was narrated from Abu Sa’eed Al-Khudri that:The Messenger of Allah (ﷺ) observed I’tifak in a Turkish tent, over the door of which was a piece of reed matting. He pushed the mat aside, then he put his head out and spoke to the people
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।