حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا نُعَيْمُ بْنُ حَمَّادٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ، عَنْ عِيسَى بْنِ عُمَرَ بْنِ مُوسَى، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَنَّهُ كَانَ إِذَا اعْتَكَفَ طُرِحَ لَهُ فِرَاشُهُ - أَوْ يُوضَعُ لَهُ سَرِيرُهُ وَرَاءَ أُصْطُوَانَةِ التَّوْبَةِ .
It was narrated from Ibn ‘Umar that:When the Prophet (ﷺ) observed I’tikaf, his bedding would be spread for him, or his bed would be placed there for him, behind the Pillar of Repentance
स्रोत में दर्ज दर्जे
DaifAl-Albani
DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
DaifShuaib Al Arnaut
Isnaad HasanZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।