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सुनन इब्न माजा

नंबर 1694

नंबर 1694किताब 7, नंबर 57
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ هِشَامٍ الدَّسْتَوَائِيِّ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ ثَابِتٍ، قَالَ: تَسَحَّرْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ثُمَّ قُمْنَا إِلَى الصَّلاَةِ ‏.‏ قُلْتُ كَمْ بَيْنَهُمَا؟ قَالَ: قَدْرُ قِرَاءَةِ خَمْسِينَ آيَةً ‏.‏
It was narrated from Anas bin Malik that Zaid bin Thabit said:“We ate Suhur with the Messenger of Allah (ﷺ) then we got up to perform prayer.” I said: “How long was there between the two?” He said: “As long as it takes to recite fifty verses.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Bukhari And MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।