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सुनन इब्न माजा

नंबर 1659

नंबर 1659किताब 7, नंबर 22
حَدَّثَنَا حُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ، حَدَّثَنَا خَالِدٌ الْحَذَّاءُ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي بَكْرَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ: ‏ "‏ شَهْرَا عِيدٍ لاَ يَنْقُصَانِ رَمَضَانُ وَذُو الْحِجَّةِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that from ‘Abdur-Rahman bin Abu Bakrah, from his father, that the Prophet (ﷺ) said:“Two months of ‘Eid whose reward cannot be reduced (even if they are twenty-nine days): ‘Ramadan and Dhul-Hijjah.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।