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सुनन इब्न माजा

नंबर 1474

नंबर 1474किताब 6, नंबर 42
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ يُونُسَ، حَدَّثَنَا عِكْرِمَةُ بْنُ عَمَّارٍ، عَنْ هِشَامِ بْنِ حَسَّانٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ، عَنْ أَبِي قَتَادَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ إِذَا وَلِيَ أَحَدُكُمْ أَخَاهُ فَلْيُحْسِنْ كَفَنَهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Qatadah that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“If anyone of you is charged with taking care of his brother (after death), let him shroud him well.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Chapters Regarding Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।