सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 1455

नंबर 1455किताब 6, नंबर 23
حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ، سُلَيْمَانُ بْنُ تَوْبَةَ حَدَّثَنَا عَاصِمُ بْنُ عَلِيٍّ، حَدَّثَنَا قَزَعَةُ بْنُ سُوَيْدٍ، عَنْ حُمَيْدٍ الأَعْرَجِ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ مَحْمُودِ بْنِ لَبِيدٍ، عَنْ شَدَّادِ بْنِ أَوْسٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ إِذَا حَضَرْتُمْ مَوْتَاكُمْ فَأَغْمِضُوا الْبَصَرَ فَإِنَّ الْبَصَرَ يَتْبَعُ الرُّوحَ وَقُولُوا خَيْرًا فَإِنَّ الْمَلاَئِكَةَ تُؤَمِّنُ عَلَى مَا قَالَ أَهْلُ الْبَيْتِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Shaddad bin Aws that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“When you come to your dead ones, close their eyes, for the sight follows the soul. And say good things, for the Angels say Amin to what the members of the household say.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Chapters Regarding Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।