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सुनन इब्न माजा

नंबर 1454

नंबर 1454किताब 6, नंबर 22
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ أَسَدٍ، حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ عَمْرٍو، حَدَّثَنَا أَبُو إِسْحَاقَ الْفَزَارِيُّ، عَنْ خَالِدٍ الْحَذَّاءِ، عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، عَنْ قَبِيصَةَ بْنِ ذُؤَيْبٍ، عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ، قَالَتْ دَخَلَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ عَلَى أَبِي سَلَمَةَ وَقَدْ شَقَّ بَصَرُهُ فَأَغْمَضَهُ ثُمَّ قَالَ ‏ "‏ إِنَّ الرُّوحَ إِذَا قُبِضَ تَبِعَهُ الْبَصَرُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Umm Salamah said:“The Messenger of Allah (ﷺ) entered upon Abu Salamah (after he had died), and his eyes were wide open. He closed his eyes, then he said: ‘When the soul is taken, the sight follows it.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Chapters Regarding Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।