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सुनन इब्न माजा

नंबर 974

नंबर 974किताब 5, नंबर 172
حَدَّثَنَا بَكْرُ بْنُ خَلَفٍ أَبُو بِشْرٍ، حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ الْحَنَفِيُّ، حَدَّثَنَا الضَّحَّاكُ بْنُ عُثْمَانَ، حَدَّثَنَا شُرَحْبِيلُ، قَالَ سَمِعْتُ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، يَقُولُ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يُصَلِّي الْمَغْرِبَ، فَجِئْتُ فَقُمْتُ عَنْ يَسَارِهِ، فَأَقَامَنِي عَنْ يَمِينِهِ ‏.‏
Shurahbil said:“I heard Jabir bin ‘Abdullah say: ‘The Messenger of Allah (ﷺ) was performing Maghrib, and I came and stood on his left, but he made me stand on his right.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।