حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ الصَّبَّاحِ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، أَنْبَأَنَا الْعَلاَءُ أَبُو مُحَمَّدٍ، قَالَ سَمِعْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ، يَقُولُ قَالَ لِي النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ " إِذَا رَفَعْتَ رَأْسَكَ مِنَ السُّجُودِ فَلاَ تُقْعِ كَمَا يُقْعِي الْكَلْبُ ضَعْ أَلْيَتَيْكَ بَيْنَ قَدَمَيْكَ، وَأَلْزِقْ ظَاهِرَ قَدَمَيْكَ بِالأَرْضِ " .
It was narrated that Anas bin Malik said:“The Prophet (ﷺ) said to me: ‘When you raise your head from prostration, do not squat like a dog. Put your buttocks between your feet and let the tops of your feet touch the ground.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
MawduAl-Albani
MawduMuhammad Fouad Abd al-Baqi
Very DaifShuaib Al Arnaut
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।