حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ حُمَيْدِ بْنِ كَاسِبٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ أَبِي حَازِمٍ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ الْهَادِ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ التَّيْمِيِّ، عَنْ عَامِرِ بْنِ سَعْدٍ، عَنِ الْعَبَّاسِ بْنِ عَبْدِ الْمُطَّلِبِ، أَنَّهُ سَمِعَ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ " إِذَا سَجَدَ الْعَبْدُ سَجَدَ مَعَهُ سَبْعَةُ آرَابٍ: وَجْهُهُ وَكَفَّاهُ وَرُكْبَتَاهُ وَقَدَمَاهُ " .
It was narrated from ‘Abbas bin ‘Abdul-Muttalib that he heard the Prophet (ﷺ) say:“When a person prostrates, seven parts of his body prostrate with him: His face, his two hands, his two knees, and his two feet.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
Sahih MuslimZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।