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सुनन इब्न माजा

नंबर 873

नंबर 873किताब 5, नंबर 71
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ أَبِي خَالِدٍ، عَنِ الزُّبَيْرِ بْنِ عَدِيٍّ، عَنْ مُصْعَبِ بْنِ سَعْدٍ، قَالَ رَكَعْتُ إِلَى جَنْبِ أَبِي فَطَبَّقْتُ فَضَرَبَ يَدِي وَقَالَ قَدْ كُنَّا نَفْعَلُ هَذَا، ثُمَّ أُمِرْنَا أَنْ نَرْفَعَ إِلَى الرُّكَبِ ‏.‏
It was narrated that Mus’ab bin Sa’d said:“I bowed (in prayer) beside my father, and I put my hands between my knees. He struck my hand and said: ‘We used to do that, then we were commanded to put them on the knees.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Bukhari And MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।