حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ أَبِي خَالِدٍ، عَنْ أَصْبَغَ، مَوْلَى عَمْرِو بْنِ حُرَيْثٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ حُرَيْثٍ، قَالَ صَلَّيْنَا مَعَ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فَكَانَ يَقْرَأُ فِي الْفَجْرِ فَكَأَنِّي أَسْمَعُ قِرَاءَتَهُ {فَلاَ أُقْسِمُ بِالْخُنَّسِ الْجَوَارِ الْكُنَّسِ} .
It was narrated that ‘Amr bin Huraith said:“I performed prayer with the Prophet (ﷺ) when he was reciting in the Fajr, and it is as if I can hear him reciting: ‘So verily, I swear by the planets that recede. And by the planets that move swiftly and hide themselves.’”[81:]
स्रोत में दर्ज दर्जे
HasanAl-Albani
HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
SahihZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।