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सुनन इब्न माजा

नंबर 1380

नंबर 1380किताब 5, नंबर 578
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، وَأَبُو كُرَيْبٍ قَالاَ حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ بُكَيْرٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْحَاقَ، عَنْ مُوسَى بْنِ أَنَسٍ، عَنْ ثُمَامَةَ بْنِ أَنَسٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ ‏ "‏ مَنْ صَلَّى الضُّحَى ثِنْتَىْ عَشْرَةَ رَكْعَةً بَنَى اللَّهُ لَهُ قَصْرًا مِنْ ذَهَبٍ فِي الْجَنَّةِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Anas bin Malik said:“I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: ‘Whoever prays Duha with twelve Rak’ah, Allah will build for him a palace of gold in Paradise.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।