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सुनन इब्न माजा

नंबर 1372

नंबर 1372किताब 5, नंबर 570
حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ حُمَيْدِ بْنِ كَاسِبٍ، حَدَّثَنَا حَاتِمُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، عَنْ أَبِي بَكْرِ بْنِ يَحْيَى بْنِ النَّضْرِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ إِذَا قَامَ أَحَدُكُمْ مِنَ اللَّيْلِ، فَاسْتَعْجَمَ الْقُرْآنُ عَلَى لِسَانِهِ، فَلَمْ يَدْرِ مَا يَقُولُ، اضْطَجَعَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Prophet (ﷺ) said:“When anyone of you gets up to pray at night, and his tongue stumbles over the words of the Qur’an, and he does not know what he is saying, let him lie down.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।