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सुनन इब्न माजा

नंबर 1323

नंबर 1323किताब 5, नंबर 521
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ رُمْحٍ، أَنْبَأَنَا ابْنُ وَهْبٍ، عَنْ عِيَاضِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ مَخْرَمَةَ بْنِ سُلَيْمَانَ، عَنْ كُرَيْبٍ، مَوْلَى ابْنِ عَبَّاسٍ عَنْ أُمِّ هَانِئٍ بِنْتِ أَبِي طَالِبٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَوْمَ الْفَتْحِ صَلَّى سُبْحَةَ الضُّحَى ثَمَانِيَ رَكَعَاتٍ سَلَّمَ مِنْ كُلِّ رَكْعَتَيْنِ ‏.‏
It was narrated from Umm Hani’ bint Abu Talib that on the day of the Conquest (of Makkah) the Messenger of Allah (ﷺ) prayed voluntary Duha with eight Rak’ah, saying the Salam after each two Rak’ah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • MunkarMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।