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सुनन इब्न माजा

नंबर 1313

नंबर 1313किताब 5, नंबर 511
حَدَّثَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ عُثْمَانَ الدِّمَشْقِيُّ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ، حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى بْنِ أَبِي فَرْوَةَ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا يَحْيَى، عُبَيْدَ اللَّهِ التَّيْمِيَّ يُحَدِّثُ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ أَصَابَ النَّاسَ مَطَرٌ فِي يَوْمِ عِيدٍ عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فَصَلَّى بِهِمْ فِي الْمَسْجِدِ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:“Rain fell on the day of ‘Eid at the time of the Messenger of Allah (ﷺ), so he led them in prayer in the mosque
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।