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सुनन इब्न माजा

नंबर 1285

नंबर 1285किताब 5, नंबर 483
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عُبَيْدٍ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ أَبِي خَالِدٍ، عَنْ قَيْسِ بْنِ عَائِذٍ، - هُوَ أَبُو كَاهِلٍ - قَالَ رَأَيْتُ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَخْطُبُ عَلَى نَاقَةٍ حَسْنَاءَ وَحَبَشِيٌّ آخِذٌ بِخِطَامِهَا ‏.‏
It was narrated that Qais bin ‘Aidh, who was Abu Kahil, said:“I saw the Prophet (ﷺ) delivering the sermon atop a beautiful she-camel, and an Ethiopian was holding onto its reins.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।