حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ بْنِ أَبِي خَالِدٍ، قَالَ رَأَيْتُ أَبَا كَاهِلٍ وَكَانَتْ لَهُ صُحْبَةٌ فَحَدَّثَنِي أَخِي، عَنْهُ قَالَ رَأَيْتُ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَخْطُبُ عَلَى نَاقَةٍ وَحَبَشِيٌّ آخِذٌ بِخِطَامِهَا .
It was narrated that Isma’il bin Abu Khalid said:“I saw Abu Kahil, and he was a Companions, and my brother narrated to me that he said: ‘I saw the Prophet (ﷺ) delivering the sermon atop his she-camel, and an Ethiopian was holding onto its reins.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
HasanAl-Albani
HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
Isnaad HasanZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।