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सुनन इब्न माजा

नंबर 1281

नंबर 1281किताब 5, नंबर 479
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ، أَنْبَأَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْتَشِرِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ حَبِيبِ بْنِ سَالِمٍ، عَنِ النُّعْمَانِ بْنِ بَشِيرٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ كَانَ يَقْرَأُ فِي الْعِيدَيْنِ بِـ ‏{سَبِّحِ اسْمَ رَبِّكَ الأَعْلَى}‏ وَ ‏{هَلْ أَتَاكَ حَدِيثُ الْغَاشِيَةِ}‏ ‏.‏
It was narrated from Nu’man bin Bashir that the Messenger of Allah (ﷺ) used to recite “Glorify the Name of your Lord, the Most High,” [Al-A’la (87)] and “Has there come to you the narration of the overwhelming?” [Al-Ghashiyah (88)] in the ‘Eid prayer
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।