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सुनन इब्न माजा

नंबर 1189

नंबर 1189किताब 5, नंबर 387
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، وَأَحْمَدُ بْنُ الأَزْهَرِ، قَالاَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَنْبَأَنَا مَعْمَرٌ، عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ، عَنْ أَبِي نَضْرَةَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ أَوْتِرُوا قَبْلَ أَنْ تُصْبِحُوا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى فِي هَذَا الْحَدِيثَ دَلِيلٌ عَلَى أَنَّ حَدِيثَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ وَاهٍ ‏.‏
It was narrated that Abu Sa’eed said:“The Messenger of Allah (ﷺ) said: ‘Pray Witr before morning comes.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।