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सुनन इब्न माजा

नंबर 1079

नंबर 1079किताब 5, नंबर 277
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الْبَالِسِيُّ، حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ الْحَسَنِ بْنِ شَقِيقٍ، حَدَّثَنَا حُسَيْنُ بْنُ وَاقِدٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ بُرَيْدَةَ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ الْعَهْدُ الَّذِي بَيْنَنَا وَبَيْنَهُمُ الصَّلاَةُ، فَمَنْ تَرَكَهَا فَقَدْ كَفَرَ ‏"‏ ‏.‏
‘Abdullah bin Buraidah narrated that his father said:“The Messenger of Allah (ﷺ) said: ‘The covenant that distinguishes between us and them is prayer; so whoever leaves it, he has committed Kufr.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Hasan SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।