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सुनन इब्न माजा

नंबर 1030

नंबर 1030किताब 5, नंबर 228
حَدَّثَنَا حَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ وَهْبٍ، حَدَّثَنِي زَمْعَةُ بْنُ صَالِحٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، قَالَ صَلَّى ابْنُ عَبَّاسٍ وَهُوَ بِالْبَصْرَةِ عَلَى بِسَاطِهِ ثُمَّ حَدَّثَ أَصْحَابَهُ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ كَانَ يُصَلِّي عَلَى بِسَاطِهِ ‏.‏
It was narrated that ‘Amr bin Dinar said:“When Ibn ‘Abbas was in Basrah, he performed prayer on his rug, then he told his companions that the Messenger of Allah (ﷺ) used to perform prayer on his rug.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।